केबिनेट ने जमीन अधिग्रहण  के लिए 590 करोड की मंजूरी दी उडान योजना में आकार लेगा उज्जैन का अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा – हवाई अड्डे का रनवे अंतर्राष्ट्रीय मापदंड अनुसार 4 किलोमीटर का रहेगा

 

उज्जैन। सिंहस्थ पूर्व उज्जैन के दताना स्थित वर्तमान हवाई पट्टी पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के आकार लेने का रास्ता साफ हो गया है। मध्यप्रदेश सरकार की केबिनेट ने जमीन अधिग्रहण के लिए 590 करोड की मंजूरी दे दी है। उडान योजना के तहत उज्जैन में हवाई अडृडा आकार लेगा। योजना में सभी हवाई अड्डे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ही बनाए जा रहे हैं। उज्जैन हवाई अड्डा का रन-वे करीब 4 किलोमीटर लंबा रहने वाला है। जिस पर बोईंग सी-20 जैसे विमान भी उतर सकेंगे। इसके लिए करीब 400 एकड भूमि का अधिगृहण किया जाएगा। बकौल कलेक्टर रोशनकुमार सिंह अगले एक दो दिन में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

मंगलवार को मध्यप्रदेश केबिनेट ने निर्णय लेते हुए आगामी सिंहस्थ मेले की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उज्जैन में एयरपोर्ट विकसित करने के लिए 590 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। यह राशि भूमि अधिग्रहण पर खर्च होगी। एयरपोर्ट का निर्माण केंद्र सरकार की ‘उड़ान योजना’ के तहत किया जाएगा। इसके बनने से सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और उज्जैन की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। कलेक्टर रोशनकुमारसिंह बताते हैं कि जमीन को लेकर सर्वे हो चुका है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया भी अपना सर्वे कर चुका है और उसकी रिपोर्ट भी हमें मिल चुकी है जिसके अनुसार धरातल पर वैसी व्यवस्था भी की है। क्षेत्र में अच्छी गाईड लाईन होने से जमीन अधिग्रहण में हमें ज्यादा समय नहीं लगेगा।

कुछ माह पूर्व प्रशासनिक स्तर पर एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को प्रस्ताव भेजा गया था। वर्तमान हवाई पट्टी के स्थान पर सिंहस्थ से पूर्व उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाने की इसमें प्रस्ताव के तहत जमीन एवं अन्य जानकारियां दी गई थी। पूर्व में यहां दताना-मताना हवाई पट्टी को एटीआर-72 जैसे छोटे विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित किया जा रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे और व्यापक रूप देते हुए शासन को संशोधित प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को सरकार ने मंजूर करते हुए सीधे तौर पर जमीन अधिग्रहण के लिए 590 करोड की राशि की मंजूरी दी है। इसके आगे अब उज्जैन में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

सिंहस्थ की बडी सौगात-

सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है। केबीनेट की मंजूरी एवं जमीन अधिग्रहण की मंजूरी मिलने के साथ ही अब प्रशासन इस और तेजी से कदम बढाएगा।  पूर्व में उज्जैन-देवास मार्ग पर स्थित दताना-मताना क्षेत्र में प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के बीच 1 नवंबर 2025 को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर एमओयू साइन किया गया था। इस समझौते के तहत 45 करोड की प्रारंभिक  राशि एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को दी जा चुकी है। इसके बाद तकनीकी प्रक्रिया शुरू हुई और मिट्टी परीक्षण भी कराया गया। शुरुआती योजना के अनुसार रनवे 1800 मीटर का होना था, लेकिन अब इसे दोगुना कर करीब 4000 मीटर करने का प्रस्ताव है, ताकि बोइंग सी-20 जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव हो सके। इसके बनने से उज्जैन की इंदौर पर निर्भरता खत्म होगी और पर्यटन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

उज्जैन एयरपोर्ट परियोजना –

स्थान : दताना-मताना, उज्जैन-देवास मार्ग

जमीन अधिग्रहण: करीब 400 एकड़

रनवे लंबाई : 3600 से 4000मीटर

विक्रम उद्योगपुरी को मिलेगा आधार-

दताना-मताना हवाई पट्टी को अगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का स्वरूप मिलता है तो ऐसे में विक्रम उद्योगपुरी क्षेत्र और अधिक विकसित होगा और देवासरोड पर विकास की भागीरथी बह निकलने की प्रबल स्थिति बन जाएगी। उद्योगपुरी में बडे औद्योगिक मालिकों एवं अधिकारियों के आवागमन के लिए यह सुविधाजनक तो होगा ही साथ ही भारवाहक विमानों के उतरने में भी आसानी होगी और औद्योगिक क्षेत्र में मशीनों को लाना ले जाने में भी सुविधा हो सकेगी। इसके साथ मालवाहक की भी सहुलियत मिलना आसान होगा।

 

 

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